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सैन जी महाराज की पुण्यतिथि, सैन मंदिरों में विशेष पूजा

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संत शिरोमणि सैन महाराज की पुण्यतिथि मंगलवार को है। इस अवसर पर देश भर में सैन मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये।

सोहला में सैन जी की पुण्यतिथि मनाई गई

सैन समाज के आराध्य सैन जी महाराज की पुण्यतिथि मंगलवार 27 अगस्त 2019 को है। इस मौके पर सैन समाज द्वारा संचालित सैन मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की गई है।

श्री गणेशराम टांक सेन सेवा ट्रस्ट की ओर से श्री राजगुरू संत सेना महाराज की पुण्यतिथि पर वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम अहमदनगर के संगमनेर स्थित गणेश मंदिर में होगा। कार्यक्रम की शुरुआत सत्यनारायण पूजा से हुई। दोपहर में भजन और सेन जी महाराज की आरती का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद सम्मान समारोह एवं प्रसादी कार्यक्रम आयोजित किया गया।

राजस्थानी सैन समाज सेवा मंडल पुणे की ओर से सैन जी महाराज की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर सैन जी महाराज की विशेष पूजा अर्चना की गई।रविन्द्र जगदाले ने इस मौके पर मर्दानी खेलों और शस्त्रों का प्रदर्शन किया।

राजू राठौड़ ने बताया कि इस अवसर पर मंदिर में सैन जी महाराज की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर भी विचार—विमर्श हुआ। यह कार्यक्रम दो दिवसीय होगा और ये नवरात्रि के बाद तथा दिवाली से पूर्व आयोजित किया जायेगा। इस कार्यक्रम में प्राण प्रतिष्ठा के लिये बोली लगाई जायेगी।

श्री सैनजी का जन्म 13वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में बांधवगढ़ में हुआ। इस क्षेत्र को आजकल रीवा के नाम से जाना जाता है। कटनी से विलासपुरा जाने वाली रेलवे लाइन पर उमरिया नामक स्टेशन से उत्तर पूर्व में करीब 18 मील दूर बांधवगढ़ दुर्ग है। इनके पिता का नाम श्रीचंद्र एवं माता का नाम सुशीला व कांता था। इनका विवाह विजयनगर म.प्र. के राज वैद्य शिवैया की सुपुत्री गजरा दे के साथ हुआ था।

इनके पुत्र का नाम भद्रसेन थे। सैनजी बचपन से ही शक्ति संपन्न थे और सौर कार्य में भी निपुण थे। वे बांधवगढ़ के राजा के यहां क्षौरकार्य करते थें। सैनजी ने स्वामी रामानंदजी से दीक्षा प्राप्त की। दीक्षित होकर साधु-संतों की सेवा व सत्संग में प्रवचन के माध्यम से भक्ति ज्ञान, वैराग्य संत सेवा की शिक्षा ज्ञान भी देते, सैन भक्त विष्णु के अनन्य उपासक थे।

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समाज की ये बेटी सरकारी कर्मियों के लिये बनी मिसाल

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सैन समाज की यह एक बेटी उन तमाम सरकारी कर्मचारियों के लिये मिसाल है, जो नौकरी को केवल ड्यूटी मानते है। कोराना काल में इस बेटी ने एक साथ कई फर्ज निभाए। यह बेटी हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल है।

हरियाणा की सोनिया ओम डूलिया स्थानीय मीडिया की सुर्खियों में है। वह चंडीगढ़ निवासी है और हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल है। लोकडाउन के दौरान उनकी ड्यूटी मनमोहन नगर स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन में बनाये गए आश्रय स्थल पर थी। 390 प्रवासी मजदूर यहां थे। इनमें कुछ मजदूरों के साथ बच्चे भी थें।

सोनिया ने एक दिन देखा कि ये बच्चे अपनी किताबों के पन्न फाड़कर उनके हवाई जहाज बनाकर खेल रहे थे। सोनिया ने बच्चों को किताबें फाड़ने से टोका तो वे बोले, ये अब काम की नहीं है। कोरोना के चलते उनकी पढ़ाई छूट गई है। बातचीत में पता चला कि ये बच्चे चौथी से छठीं क्लास में पढ़ते थें।

बच्चों का उत्तर सोनिया के लिये आश्चर्यजनक था। उसने तय किया कि बच्चे जब तक यहां है, वे उन्हें पढ़ाएगी। फिर क्या था, क्लास शुरू हुई। सोनिया के प्यार भरे व्यवहार ने बच्चों की सोच बदल दी। बच्चे पढ़ने लगे। पिछले दिनों ये बच्चे जब यहां से गए तो सोनिया भावुक हो उठी। बच्चे भी अपनी सोनिया दीदी को याद करते हुये यहां से गए। इन बच्चों की करीब महीने भर यहां पढ़ाई हुई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसी का पूरा ध्यान रखा गया। यहां रहते हुई बच्चों की पढ़ाई उनके लिये काफी अहम रखेगी। दरअसल, सोनिया के प्रयास ने इन बच्चों के मन में पढ़ाई को लेकर आए नकारात्मक विचारों को बदला। उनमें पढ़ने की ललक फिर से पैदा की।

सोनिया की कर्तव्य परायणता दूसरे सरकाीर कर्मचारियों के लिये प्रेरणास्रोत है। सुरक्षा की नियमित ड्यूटी के साथ डूलिया ने एक शिक्षक और दीदी की भूमिका निभाई। सोनिया ने कंप्युटर साइंस में डिग्री ले रखी है। उनके पति ओम प्रकाश डूलिया का निजी व्यवसास है।

ना गांव में है इस गोत्र की कुलदेवी का प्राचीन मंदिर

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गौरव ने बुलंद हौंसलों से कर दिया समाज को गौरवान्वित

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गौरव जैसा नाम वैसा गुण। बुलंद हौसला उसकी शारीरिक कमी पर भारी पड़ रहा है। सपना है देश लिये मेडल  जीतने का। जिसे पूरा करने के लिये गौरव ने रात-दिन एक कर रखे है।

करनाल। हरियाणा के करनाल निवासी रामपाल सिंह के पुत्र गौरव ठाकुर का 2015 में रोड़ एक्सीडेंट हो गया। इस सड़क दुर्घटना में उसने अपना एक हाथ खो दिया। लेकिन, इस हादसे के बाद भी गौरव ने अपना हौसला कम नहीं होने दिया। गौरव ने साइकिलिंग को अपना जुनून बना डाला। अब लक्ष्य कॉमनवैल्थ गेम्स में हिस्सा लेकर पैरा साइकिलिंग में गोल्ड जीतने का है।

पैरा साइकिलिस्ट गौरव ठाकुर

अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये 22 साल के इस युवक ने दिन रात एक कर रखा है। कई घंटों वह साइकिलिंग की प्रेक्टिस करता है। फिलहाल, हैदराबाद में उसकी प्रेक्टिस चल रही है। गौरव ठाकुर ने सैन इंडिया को बताया कि अगस्त में उसने साइकिलिंग को अपनाने का फैसला लिया। इसके ​बाद उसने जमकर प्रेक्टिस की और इसी साल चंडीगढ़ में आयोजित ओपन साइकिलिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में उसने दूसरा स्थान हासिल किया। यह रिजल्ट सभी को चौकाने वाला था। इससे गौरव को प्रोत्साहन मिला।

पैरा साइकिलिस्ट गौरव ठाकुर

इसके बाद उसने शिमला के हाई एल्टीट्यूड इलाके नारकंडा, शिलारू और मतियाना में जबरदस्त प्रेक्टिस की। आपको बता दें कि शिमला का मतियाना इलाका साइकिलिंग प्रेक्टिस के लिये फेमस है। देशभर के साइकिलिस्ट यहां प्रेक्टिस करते है। उनका सपना इंटरनेशनल लेवल की प्रतिस्पधाओं को जीतना है।

सचिन के हौसले को जरूरत है आपकी मदद की

गौरव ठाकुर पिछले साल जून 2018 में एक हाथ से साइकिल चलाते हुये शिमला में 11000 फुट की उंचाई पर स्थित प्रसिद्ध हाटू पीक पहुंच गये। उनका दावा है कि यहां पहुंचने वाले वे सबसे पहले भारतीय पैरासाइकिलिस्ट है। इतना ही नहीं पिछले दिनों भी देहरादून से मनापास एक हाथ से साइकिल चलाते हुये पहुंचे। मानापास देहरादून से लगभग 380 किमी है और समुद्रतल से यह स्थान लगभग 18406 फीट है।

उनका दावा है कि वे सड़क मार्ग से साइकिल यहां भी पहुंचने वाले पहले भारतीय पैरा साइकिलिस्ट है। उन्होंने बताया कि अब उनका कॉमनवैल्थ गेम्स में हिस्सा लेकर देश के लिये मेडल जीतने का है। उन्होंने हरियाणा सरकार और सैन समाज से भी अपील की है कि वे उसके इस सपने को पूरा करने में हर तरह से सहयोग करें।

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सैन समाज का यह सम्मेलन राजनीतिक दलों के लिये जानिये क्यों है महत्वपूर्ण

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प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सैन समाज में भी हलचल तेज हो गई है। सैन समाज का प्रदेशस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन राजनीति दलों के लिये महत्वपूर्ण है।

हरियाणा में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव है। इसको लेकर राजनीति गहमागहमी तेज हो गई है। सैन समाज में भी इन चुनावों को लेकर सक्रियता देखने को मिल रही है। इस कड़ी में अखिल भारतीय सैन सविता समाज हरियाणा ने मंगलवार, 3 सितंबर 2019 को प्रांतीय सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है। सम्मेलन सुबह 10 बजे सिरसा में कुम्हार धर्मशाला, सैन चौक के पास शुरू होगा।

जानकारी के अनुसार, ध्रुव नारायण एडवोकेट इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे। जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र बदलिया मुख्य वक्ता होंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरीकिशन कुतीनिया होंगे। हास्य कवि हलचल हरियाणवी विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। विशिष्ठ अतिथि पूर्णमल सैन , दलीप सिंह राणा, पूजा सैन, सतेंद्र सैन, सर्वोत्तम सैन, भूपेश मारू,राजबाला, गजे सिंह रजनीश सैन, श्रवण तंवर, रामस्वरूप टांक, राममेहर ठाकुर, डॉ. सुनील पंवार, जगसिंह दायमा, प्रता​पसिंह फिरोजपुरिया, अशोक सैन रतिया, नवीन ठाकुर हांसी, अशोक सरना, राजेंद्र टोकसिया, अंजू सैन, दलीप सिंह बीघड, राजकुमार अली मोहम्मद, प्रिया सैन, वेदप्रकाश पटवारी, गणेश मारू, रामदास सैन, सुनील गहलोत आदि विशिष्ट अतिथि होंगे।

विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा में सैन समाज का यह सम्मेलन काफी अहम है। हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सैन समाज के पदाधिकारी भी इस हिस्सा ले रहे है। इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों में अहम पदों पर असीन पदाधिकारी भी है। दरअसल, इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राजनीति दलों को सैन समाज की ताकत का अंदाजा करना है। सम्मेलन में मुख्य रूप से राजनीति में समाज की भागीदारी को कैसे बढ़ाया जाये और उसके लिये राजनीतिक दलों पर कैसे दबाव बनाया जाये, की रणनीति तय होगी।

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