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हमारे बारे में

बहुत सी संस्थायें और संगठन सैन समाज में है। हर संगठन अपने स्तर पर समाज की एकता और उत्थान के लिये काम कर रहा हैं। इन संगठनों का प्रयास सराहनीय है। देश के अधिकांश प्रमुख समाचार पत्रों की बाजारवादी नीतियों या और भी कई वजह हैं, जिनसे इन संगठनों के अच्छे कामों को पब्लिसिटी अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिल पाती। हमारी ताकत को नजरंदाज किया जाता है।

हमारा काम समाज की ताकत बने। इस सोच के साथ सैन इंडिया डॉट काम शुरू किया गया है। इस बेव पोर्टल को शुरू करने से पहले हमारी टीम समाज के कई प्रबुद्ध लोगों से मिली। उनकी राय ली। उसके आधार पर सैन इंडिया डॉट कॉम का प्रारंभिक मॉड्यूल तैयार किया है। यह शुरूआत है। आपके अमूल्य सुझावों के आधार पर इसमें बदलाव लगातार देखने को मिलेंगे। बिना किसी भेदभाव के सैन इंडिया समाज से जुड़ी हर महत्वपूर्ण घटना, समाचार को कवर करें, इसके प्रयास किये जायेंगे।

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  • समाज के कार्यक्रमों, समाज की प्रतिभाओं, समाज की धरोहर आदि की जानकारी हमारे साथ जरूर साझा करें।
  • sainindia.com को आगे बढ़ाने के लिये यहां प्रकाशित समाचार और लेखों को सोशल मीडिया साइट्स पर जरूर शेयर करें।

Sain India पर जो जानकारी प्रकाशित की जा रही है वह विभिन्न स्रोतों से जुटाई जाती है। किसी तथ्य को लेकर यदि कोई संशय, शंका या आपत्ति तो आवश्य बतायें। यथा संभव उसे दूर करने का प्रयास किया जायेगा। हमारा प्रयास रहेगा कि कोई गलत तथ्यों के आधार पर जानकारी प्रसारित नहीं हो।

आपका यहा सहयोग हमारे से काफी महत्व है। आप किसी भी सुझाव या जानकारी के लिये कभी भी हमारी टीम से मोबाइल पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकते है। सहयोग के लिये धन्यवाद।

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कुलदेवी

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श्रीबाण माता को कुलदेवी के रूप में पूजते है ये परिवार

श्री बाण माता का मुख्य मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में स्थित है। ब्राह्मणी माता, बायण माता और बाणेश्वरी माता जी...

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जमवाय माता को सैन समाज के कई परिवार मानते है कुलदेवी

जमवाय माता भगवान राम के पुत्र कुश के वंश कछवाहा की कुलदेवी है। सैन समाज में कुछ परिवार ऐसे हैं...

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सैन समाज के कई परिवारों की कुलदेवी है जीण माता

जीण माता कई परिवार एवं गोत्रों की कुलदेवी है। सैन समाज में भी कई गोत्र ऐसे हैं जो जीण भवानी...

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गलाना गांव में है इस गोत्र की कुलदेवी का प्राचीन मंदिर

गलाना गांव में  प्राचीन मंदिर आस्था का केंद्र है। यह गांव कोटा में जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर...

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भादरिया माता को कुलदेवी के रूप में पूजते है ये

श्री भादरिया माता का मंदिर जन-जन की आस्था का केंद्र है। विभिन्न समाजों में कई परिवारों में माता को कुलदेवी...

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कुलदेवी के रूप में होती है ‘मां नागणेची’ की पूजा

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इन गोत्रों में कुलदेवी की रूप में पूजी जाती सच्चियाय माता

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